हम "अलविदा" क्यों कहते हैं?

अलविदा—यह शब्द सुनते ही दिल में एक उदासी सी छा जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह केवल एक विदाई नहीं, बल्कि एक प्रार्थना है?

दरअसल, "अलविदा" अंग्रेजी शब्द “Goodbye” से आया है, जो खुद “God be with ye” (भगवान आपके साथ हो) का संक्षरण है। पुराने जमाने में, जब ट्रेन, फोन या मैसेजिंग के साधन नहीं थे, एक अलविदा कहना कई बार जीवनभर के लिए होता था। लोग यह नहीं जानते थे कि क्या कभी फिर मिल पाएंगे।

इसलिए जब दो मित्र या परिवार के सदस्य अलग होते थे, तो वे सच्चे दिल से कहते—“भगवान आपके साथ रहे।” यही भावना धीरे-धीरे "God be with ye" बनी, और फिर "Goodbye"। हिंदी में इसका अनुवाद "अलविदा" के रूप में प्रचलित हुआ।

यह तो सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक आशीर्वाद है। आज भी जब हम किसी को अलविदा कहते हैं, तो हम चाहे बिना जाने, उनके लिए भगवान से सुरक्षा की प्रार्थना करते हैं।

अगली बार जब आप किसी को अलविदा कहें, तो थोड़ा रुककर इस शब्द के पीछे

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