चीन में धर्म: एक संक्षिप्त झलक

चीन को धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में माना जाता है, लेकिन यहाँ धर्म का लंबा और जटिल इतिहास रहा है। 1949 के बाद चीनी सरकार ने धर्मों पर कड़ी निगाह रखी, खासकर 1966 से 1976 के दौरान चले सांस्कृतिक क्रांति में। इस दौरान मंदिरों, मस्जिदों और चर्चों सहित धार्मिक स्थलों को नष्ट किया गया और धार्मिक गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए गए।

आज के चीन में सरकार धर्म की स्वतंत्रता की बात करती है, लेकिन उसे सख्त नियंत्रण में रखती है। आधिकारिक तौर पर केवल पाँच धर्मों को मान्यता दी गई है: बौद्ध धर्म, ताओवाद, इस्लाम, प्रोटेस्टैंट ईसाई धर्म और कैथोलिक धर्म। इनके अलावा अन्य धार्मिक समूहों पर अक्सर दबाव डाला जाता है या उन्हें अवैध घोषित कर दिया जाता है।

चीन में ताओवाद और बौद्ध धर्म की गहरी जड़ें हैं। इस्लाम प्राचीन काल से चीन के मध्य एशियाई क्षेत्रों में मौजूद है, खासकर उइगुर समुदाय में। प्रोटेस्टैंट

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