भारत और तुर्की: दोस्ती में दरार या सिर्फ अलग मत?

क्या तुर्की भारत का दुश्मन है? इस सवाल का जवाब सीधा-सादा नहीं है। असल में, 1948 में जब भारत और तुर्की ने आधिकारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित किए, तब से दोनों देशों के बीच संबंध ज्यादातर सम्मान और सहयोग के रहे हैं। आपसी आर्थिक हित, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और बढ़ते व्यापार ने इन संबंधों को मजबूती दी है।

लेकिन, एक बात साफ है – दोस्ती में भी कभी-कभी तनाव आ सकता है। तुर्की ने समय-समय पर पाकिस्तान के प्रति समर्थन जताया है, खासकर कश्मीर जैसे मुद्दों पर। चूंकि पाकिस्तान भारत का प्रतिद्वंद्वी रहा है, इसलिए यह तुर्की के रुख को भारत के लिए कभी-कभी चुनौतीपूर्ण बना देता है। लेकिन इसे 'दुश्मनी' कहना ज्यादा बड़ा कदम होगा।

कूटनीति की दुनिया में मतभेद सामान्य है। भारत और तुर्की आज भी एक-दूसरे के साथ व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देश अंतरराष

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय