ग्रीनविच रेखा: दुनिया का समय निर्धारण
ग्रीनविच रेखा का मान 0° देशांतर होता है। यह रेखा लंदन के पास स्थित ग्रीनविच वेधशाला से होकर गुजरती है और इसे विश्व की 'प्रधान मध्याह्न रेखा' माना जाता है। इसी रेखा के आधार पर पूरी दुनिया में समय की गणना की जाती है।
समय के निर्धारण के लिए देशांतर का बहुत महत्व होता है। किसी भी स्थान का स्थानीय समय, उसके देशांतर पर निर्भर करता है। इसलिए, 1884 में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के देशों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि समय गणना की शुरुआत ग्रीनविच रेखा से ही होगी।
इस निर्णय के बाद से ग्रीनविच मानक समय (GMT) विश्व का मानक बन गया। आज भी इसी आधार पर समय क्षेत्रों को परिभाषित किया जाता है। भारत का मानक समय, उदाहरण के लिए, ग्रीनविच समय से 5 घंटे और 30 मिनट आगे है।
ग्रीनविच रेखा सिर्फ एक रेखा नहीं, बल्कि आधुनिक दुनिया के समय के संगठन का आधार है। यह वैज्ञानिक सहयोग और वैश्विक समन्वय का एक शानदार उदाहरण है।
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