दशमलव संख्या पद्धति क्या है?

जब हम रोजमर्रा की गिनती करते हैं — 1, 2, 3, और आगे बढ़ते हुए 10, 11, 12... — तो हम दशमलव पद्धति का उपयोग कर रहे होते हैं। इसे हिंदी में दशमलव संख्या पद्धति या कभी-कभी दाशमिक या दशाधार पद्धति भी कहा जाता है।

इस पद्धति का आधार दस होता है, यानी गिनती में केवल दस अंकों (0 से 9) का उपयोग होता है। जैसे ही गिनती 9 से आगे बढ़ती है, हम अगले स्थान (दहाई) की ओर जाते हैं — जैसे 10, 11, 12... यही वजह है कि इसे "बेस टेन" या "base 10" भी कहते हैं।

दशमलव पद्धति दुनिया भर में सबसे आम संख्या प्रणाली है। चाहे आप बाजार में सामान खरीद रहे हों, स्कूल में गणित के प्रश्न हल कर रहे हों, या बैंक में पैसे जमा कर रहे हों — हर जगह यही पद्धति काम में आती है।

यह प्रणाली इतनी सरल और सहज है कि हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि यह मानव विकास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इतिहास में, अलग-अलग सभ्यताओं ने अलग आधार वाली प्रणालियाँ इस्तेमाल की

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