भारत की वैज्ञानिक विरासत: दशमलव प्रणाली और सी.वी. रमन
दशमलव प्रणाली की खोज एक ऐसी उपलब्धि है जिस पर हर भारतीय को गर्व हो सकता है। यह प्रणाली प्राचीन भारत में विकसित हुई, जब भारतीय गणितज्ञों ने शून्य की अवधारणा को संख्या पद्धति में शामिल किया। इसी के साथ दशमलव प्रणाली का आधार बना, जिसने गणित की दुनिया में क्रांति ला दी।
लेकिन विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम आधुनिक युग में भी चमका। इसका श्रेय जाता है सर चंद्रशेखर वेंकट रामन को। 7 नवंबर, 1888 को जन्मे रमन ने भौतिकी में अमर योगदान दिया। उन्होंने रमन प्रभाव की खोज की, जिसके लिए उन्हें सन् 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि न केवल उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि भारतीय वैज्ञानिकों ने विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
दशमलव प्रणाली की बात करें तो यह आज दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाली संख्या पद्धति का आ
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