तीन राज्य जहाँ नहीं है पंचायती राज व्यवस्था
भारत में ग्रामीण शासन की आधारशिला पंचायती राज व्यवस्था है, जो 1992 में 73वें संविधान संशोधन द्वारा लागू की गई। यह व्यवस्था लगभग सभी राज्यों में लागू है, लेकिन कुछ अपवाद भी हैं।
नागालैंड, मेघालय और मिजोरम — ये तीन राज्य ऐसे हैं जहाँ पंचायती राज व्यवस्था अभी तक लागू नहीं है। इसकी मुख्य वजह यहाँ की स्थानीय परंपराओं, आदिवासी संरचनाओं और राज्य विशेष के विशेषाधिकारों का होना है। इन राज्यों में स्थानीय स्वशासन की जगह पारंपरिक परिषदें या अन्य स्थानीय निकाय ग्रामीण प्रशासन संभालते हैं।उदाहरण के लिए, मेघालय में कादम, नागालैंड में अंगामी परंपरागत प्रणाली, और मिजोरम में लुशाई जनजातीय प्रणाली लंबे समय से स्थापित है। इन व्यवस्थाओं में लोगों की भागीदारी मजबूत है और सरकार ने इन्हें बरकरार रखना उचित समझा है।
हालांकि, केंद्र सरकार इन राज्यों में पंचायती राज लागू करने के प्रयास कर चुक
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