ग्राम पंचायत कहाँ है संविधान में?

ग्राम पंचायत भारत की स्थानीय सरकार की आधारशिला है। यह संविधान के भाग IX में विस्तार से देखी जा सकती है। इस भाग में अनुच्छेद 243 से लेकर 243O तक पंचायती राज से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

यह व्यवस्था 1992 में 73वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के माध्यम से लागू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय शासन को मजबूत करना और जनता को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना था।

इस भाग के तहत, तीन स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की बुनियाद रखी गई — ग्राम पंचायत (गाँव स्तर), पंचायत समिति (खंड स्तर) और जिला परिषद (जिला स्तर)। इनके माध्यम से स्थानीय विकास, बजट, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के काम संभाले जाते हैं।

इसके अलावा, संविधान ने निर्वाचित पंचायतों को नियमित चुनाव, आरक्षण और वित्तीय अधिकार जैसे महत्वपूर्ण अधिकार भी दिए। आज भी ग्राम पंचायतें गाँवों में लोकतंत्र की जीवंत मिसाल हैं।

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