कलकत्ता: भारत का ही हिस्सा
कलकत्ता (अब कोलकाता) भारत का ही हिस्सा है। यह पश्चिम बंगाल की राजधानी है और हमेशा से भारत के साथ जुड़ी रही है। कई लोगों को भ्रम हो सकता है, खासकर इतिहास के पन्नों में उलझे तथ्यों के कारण, लेकिन स्पष्टता से कहा जाए तो कलकत्ता पाकिस्तान में नहीं, बल्कि भारत में है।
1947 के विभाजन ने बंगाल को दो हिस्सों में बांट दिया। पूर्वी बंगाल पूर्वी पाकिस्तान बना, जो बाद में 1971 में बांग्लादेश के रूप में स्वतंत्र हुआ। वहीं, पश्चिमी बंगाल भारत के साथ रहा और इसकी राजधानी बनी कलकत्ता। यह शहर न सिर्फ भारत के इतिहास में, बल्कि सांस्कृतिक, साहित्यिक और राजनीतिक जीवन में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।कोलकाता आज भी अपने घने इतिहास, साहित्य की धरोहर और बहुसंस्कृतिता के लिए जाना जाता है। विभाजन के दर्द को यह शहर आज भी अपनी यादों में संजोए हुए है, लेकिन आज यह भारत की गरिमा का प्रतीक है।
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