भारत पर ब्रिटिश शासन: एक ऐतिहासिक झांकी
भारत पर 1858 से 1947 तक ब्रिटिश राज का शासन था। इस दौरान भारतीय उपमहाद्वीप पर ब्रिटेन का प्रत्यक्ष नियंत्रण था। ब्रिटिश शासन की शुरुआत कंपनी राज के अंत के बाद हुई, जब 1857 के स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम के बाद ब्रिटिश सरकार ने सीधे नियंत्रण संभाल लिया।
इस अवधि में ब्रिटेन ने न केवल भारत की राजनीति, बल्कि शिक्षा, कानून और प्रशासन की व्यवस्था पर भी गहरा प्रभाव डाला। नए स्कूल, रेलवे और सड़कों का निर्माण हुआ, लेकिन यह सब अक्सर ब्रिटिश हितों के लिए था। भारतीय संसाधनों का उपयोग ब्रिटेन के औद्योगिक विकास में किया गया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर पड़ा।
लेकिन इसी दौर में राष्ट्रवाद की भावना भी जागृत हुई। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और अन्य नेताओं के नेतृत्व में लाखों भारतीय आजादी के आंदोलन में शामिल हुए। अहिंसा, सत्याग्रह और नागरिक अवज्ञा जैसे तरीकों से आंदोलन बढ़ा,
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