आधुनिक भारत के जनक: राजा राम मोहन रॉय
राजा राम मोहन रॉय को आधुनिक भारत का जनक कहा जाता है। वे केवल एक सुधारक ही नहीं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने भारत के सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
18वीं और 19वीं सदी के दौरान, भारत पुरानी परंपराओं और कुप्रथाओं के चलते पिछड़ रहा था। ऐसे में राजा राम मोहन रॉय ने आवाज़ उठाई और सती प्रथा, छुआछूत और अंधविश्वास जैसी बुराइयों के खिलाफ लड़ाई शुरू की। उनका मानना था कि वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब समाज मानवता और तर्क पर आधारित हो।
वे ब्रह्म समाज के संस्थापकों में से एक थे, जो एक आध्यात्मिक और सामाजिक सुधार आंदोलन था। इसका उद्देश्य वैदिक सिद्धांतों को नए युग के अनुकूल बनाकर एक तर्कसंगत और नैतिक धर्म की स्थापना करना था। उन्होंने अंग्रेज़ी और देशी भाषाओं में लेख लिखे, जो उस जमाने में बहुत प्रभावशाली थे।
राजा राम मोहन रॉय ने शिक्ष
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।