शिक्षा के जनक कौन हैं?

स्वामी सहजानंद सरस्वती को अक्सर आधुनिक भारतीय शिक्षा के जनक के रूप में जाना जाता है। वे केवल एक धार्मिक नेता नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और शिक्षाविद भी थे। उन्होंने 20वीं सदी के आरंभ में गाँव-गाँव में जाकर लोगों को शिक्षा की महत्ता समझाई और गरीब किसानों के बीच जागरूकता फैलाई।

उनका मानना था कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह जीवन के हर पहलू को छूनी चाहिए। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने की पहल की। उनके नेतृत्व में कई स्कूल, आश्रम और शिक्षा केंद्र स्थापित हुए, जहाँ निर्धन बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती थी।

स्वामी सहजानंद ने न केवल शिक्षा को बढ़ावा दिया, बल्कि जाति, असमानता और शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाई। उनका संदेश साफ था—बिना शिक्षा के आजादी अधूरी है।

आज जब हम शिक्षा के महत्व को समझते हैं, तो स्वामी सहजानंद क

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय