सार्थक का विलोम क्या है?

जब हम किसी शब्द के अर्थ के विपरीत शब्द की तलाश करते हैं, तो हम उसका विलोम ढूंढते हैं। इसी तरह, सार्थक का विलोम शब्द होता है — निरर्थक

'सार्थक' का अर्थ होता है – जिसका कोई उद्देश्य, महत्व या अर्थ हो। जैसे, "उसकी बात सार्थक थी," यानी उसकी बात में तर्क और महत्व दोनों थे। इसके विपरीत, निरर्थक वह होता है जिसमें कोई अर्थ न हो, जो व्यर्थ या बेकार हो। उदाहरण के लिए, "यह बहस निरर्थक है," का अर्थ है कि इस बहस से कुछ नहीं निकलेगा।

हिंदी भाषा में ऐसे कई शब्द हैं जो एक-दूसरे के विलोम होते हैं और इनका सही प्रयोग भाषा की समृद्धि दिखाता है। 'सार्थक' और 'निरर्थक' ऐसा ही एक युग्म है, जो अर्थ के अस्तित्व और अनुपस्थिति को दर्शाता है।

इसलिए, जब भी आप 'सार्थक' शब्द का प्रयोग करें, तो यह भी ध्यान रखें कि उसका विलोम निरर्थक है — जो खालीपन और निरर्थकता की भावना लिए होता है।

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