माँ: विश्व की जननी
माँ को अक्सर विश्व की जननी कहा जाता है। उनके बिना संसार की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वह न केवल हमारी जन्मदाता होती हैं, बल्कि जीवन की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक भी होती हैं। बचपन से लेकर जीवन के हर पल में, माँ का प्यार और स्नेह हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
वहीं जहाँ दुनिया हमें कठिनाइयों से घिरा महसूस कराती है, माँ की गोद में हमें सुरक्षा और समझ मिलती है। वह सिर्फ खाना-पहनावा ही नहीं देती, बल्कि सही-गलत का बोध, दया, सहनशीलता और प्रेम जैसे मूल्य भी सिखाती है। उनके स्पर्श में एक अद्भुत शक्ति होती है, जो घाव भर सकती है और हिम्मत दे सकती है।
माँ का प्यार निस्वार्थ होता है। वह कभी शर्तें नहीं रखती, न ही प्रतिदान की उम्मीद करती है। वह चुपचाप रात-दिन काम करती है, हमारे सपनों को पंख देने के लिए। उनकी मेहनत, त्याग और करुणा का अंदाजा तभी होता है, जब हम खुद जिम्मेदारियाँ संभालते हैं।इसलिए माँ को न सिर्फ प्रणाम करना चाहिए,
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