माँ का अर्थ केवल एक शब्द से कहीं अधिक है

माँ—यह शब्द सुनते ही हृदय में एक अजीब सी गर्माहट दौड़ जाती है। भाषा की दृष्टि से तो यह उस जन्म देने वाली स्त्री को कहते हैं, जिसे हम जननी या माता भी कहते हैं। पर इसका अर्थ इतना सीमित नहीं है। माँ की भावना इतनी गहरी है कि इसे केवल शब्दों में बाँध नहीं पाते।

कई बार हम देवी के लिए भी माँ का उपयोग करते हैं—जैसे माँ दुर्गा, माँ काली। यहाँ यह शब्द केवल संबोधन नहीं, आस्था और श्रद्धा का प्रतीक बन जाता है। वैसे ही, कई संस्कृतियों में धरती को भी माँ कहा जाता है—माँ धरती। यह इसलिए कि वह हमें जीवन देती है, पालती है, पोषित करती है।

फिर आता है मातृभूमि का संदर्भ। जब हम 'माँ भारती' कहते हैं, तो देश के प्रति उसी अटूट प्रेम और आत्मसमर्पण की भावना को व्यक्त करते हैं, जैसा बच्चा अपनी माँ के प्रति महसूस करता है। यहाँ माँ शब्द सम्मान और गौरव से भरा होता है।

इस तरह, माँ का अर्थ सिर्फ

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