मिठाई वाले के प्रति बच्चों का प्यार
वो छोटी-सी टोकरी लिए गली-गली घूमने वाला मिठाई वाला बच्चों के दिलों पर राज करता था। वह सिर्फ मिठाई ही नहीं बेचता था, बल्कि उनकी खुशी भी बेचता था।
क्यों बच्चे उससे इतना प्यार करते थे?जवाब सीधा है – वह बच्चों के दिल को जानता था। वह हर बार अलग चीज लेकर आता – एक बार रंग-बिरंगी मिठाइयाँ, तो कभी चमकती गुब्बारे या छोटे खिलौने। इसलिए बच्चे कभी उकताए नहीं। उसके आने का इंतजार हमेशा जारी रहता।
वह महीनों बाद आता, लेकिन उसकी वापसी का मतलब था – जादू वापस आ गया। बच्चे उसकी आवाज सुनकर दौड़ पड़ते, मानो कोई जादूगर आ गया हो।
पैसे कमाना उसकी प्राथमिकता नहीं थी।उसे पैसे का लालच नहीं था। वह तो बस बच्चों की मुस्कान देखकर खुश होता। उसकी खुशी थी बच्चों के चेहरे पर उछलती उमंग देखना। वह न सिर्फ चीजें बेचता था, बल्कि एक सच्चा जुड़ाव भी बनाता था।
आज भले ही ऐसे विक्रेता शायद कम दिखें, लेकिन
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