माता-पिता के तनावपूर्ण संबंध बच्चों को कैसे प्रभावित करते हैं?
घर वह पहला स्कूल होता है जहाँ बच्चे का व्यक्तित्व बनता है। अगर इस घर में माता-पिता के बीच लगातार तनाव, झगड़े या उपेक्षा चल रही हो, तो बच्चा इसका सबसे बड़ा प्रभाव झेलता है। वह अक्सर खुद को अनदेखा महसूस करने लगता है, भले ही माता-पिता उसे सामग्री रूप से सब कुछ दें।
असुरक्षा की भावना धीरे-धीरे बच्चे के मन में घर करने लगती है। वह खुद को दोषी समझने लग सकता है, खासकर अगर झगड़े उसकी मौजूदगी में होते हों। ऐसे माहौल में बच्चे में तनाव, चिंता और कई बार अवसाद भी आ जाता है।
स्कूल में भी इसका असर दिखने लगता है। बच्चा अक्सर मन-मौजूद नहीं रहता, पढ़ाई में मन नहीं लगता। कई बार दोस्तों के बीच कोई बात फैल जाए तो उसका मजाक उड़ाया जा सकता है। यह उसे और अधिक अकेला और घुसपैठ महसूस कराता है।
इसलिए यह बहुत जरूरी है कि माता-पिता अपने संबंधों की गुणवत्ता के प्रति सचेत रहें।
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