दुर्गा और काली: एक ही शक्ति के दो रूप
दुर्गा और काली एक ही हैं या नहीं—यह सवाल अक्सर धार्मिक चर्चाओं में सामने आता है। सच तो यह है कि दोनों देवियां शक्ति के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं। दुर्गा को सौम्य, शांत और रक्षा करने वाली शक्ति के रूप में पूजा जाता है, जबकि काली उग्र, क्रोधित और बुराई का संहार करने वाली देवी मानी जाती हैं।
एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, जब दुर्गा को असुर महिषासुर जैसे प्रबल शत्रु से लड़ना पड़ा, तो उनके क्रोध से काली का जन्म हुआ। इस तरह, काली को दुर्गा का ही एक रूद्र रूप माना जाता है। वे उस क्षण आविर्भूत होती हैं जब बुराई इतनी बढ़ जाती है कि केवल शांत स्वरूप से उसका संहार नहीं हो सकता।
समय के साथ, इन देवियों के अनेक रूप और कथाएं बनती रहीं। कुछ क्षेत्रों में काली को स्वतंत्र देवी माना जाता है, तो कई जगह उन्हें दुर्गा की ही एक छवि कहा जाता है। फिर भी, दोनों का मूल स्रोत एक है—नारी शक्ति का अदम्य स्वरूप।
इसलिए, हाल
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