दुर्गा माता का जाप कैसे करें? एक सरल मार्गदर्शिका
दुर्गा माता का जाप करना न केवल आध्यात्मिक शक्ति देता है, बल्कि भय, चिंता और कष्टों से मुक्ति भी दिलाता है। जाप की सफलता के लिए सबसे जरूरी है – मन की शुद्धता और श्रद्धा।
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।। – यह मंत्र दुर्गा सप्तशती से लिया गया है और माँ के मंगलमय स्वरूप की ओर समर्पित है। इसे सुबह या शाम के समय नित्य की तरह पढ़ा जा सकता है।
एक और महान मंत्र है – ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते। इसका उच्चारण विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान किया जाता है, पर इसे किसी भी समय जाप करने से माँ की कृपा बनी रहती है।
महत्वपूर्ण है नवार्ण मंत्र – ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै। इसका जाप 108 बार रुद्राक्ष की माला से करना अत्यंत लाभदायक माना जाता है। यह मंत्र विशेष रूप से शक्ति, धैर
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