कलयु में भगवान के दर्शन कैसे?
कलयुग के इस विकारपूर्ण समय में भगवान के दर्शन पाना कठिन नहीं, बल्कि बहुत सरल है, बशर्ते हम उसके सही मार्ग पर चलें। जैसा कि कहा गया है, इस युग में न तो योग के लिए समय है, न यज्ञ के लिए अवसर, और न ही ज्ञान के लिए गहराई। यहाँ केवल एक ही सच्चा उपाय है – श्री हरि के गुणगान में मन लगाना।
श्री राम के नाम का जप, उनकी कथाओं का पाठ और उनके चरित्र की महिमा गाना ही आज के समय का सबसे बड़ा साधन है। जो व्यक्ति प्रेम भाव से राम-नाम लेता है, उनकी कथाओं में लीन होता है, वह भवसागर से आसानी से पार हो जाता है।
इस युग में भगवान खुद तुलसीदास जी के माध्यम से कहते हैं – बिना किसी भरोसे के, सिर्फ भक्ति के बल पर जो भक्त मेरे नाम में लीन रहता है, उसे मैं स्वयं खींचकर तार लेता हूँ।
इसलिए निराश न हों। हर पल राम-नाम का उच्चारण करें, उनकी लीलाओं को सुनें, उनके गुण गाएँ। क्योंकि कलयुग में राम-नाम ही सागर पार करने की नाव है।
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