कीमोथेरेपी कभी-कभी असफल क्यों होती है?
कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी एक मुख्य तरीका है, लेकिन कई बार यह अपेक्षित परिणाम नहीं देती। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कैंसर कोशिकाएं खुद को बचाने की अद्भुत क्षमता रखती हैं।
कैंसर कोशिकाएं दवाओं के प्रति प्रतिरोधक कैसे बन जाती हैं? समय के साथ, ये कोशिकाएं डीएनए क्षति की मरम्मत करने की क्षमता बढ़ा लेती हैं या तोड़-फोड़ के बावजूद जीवित रहने में सक्षम हो जाती हैं। इसके अलावा, कई कोशिकाओं में ऐसे एंजाइम उत्पन्न हो जाते हैं जो कीमो दवाओं को निष्क्रिय कर देते हैं।
एक और बड़ी समस्या है कोशिका की पारगम्यता में कमी। कई बार दवा कोशिका के अंदर प्रवेश नहीं कर पाती। कुछ कैंसर कोशिकाएं खुद के अंदर से दवा को बाहर निकालने वाले पंप भी विकसित कर लेती हैं, जिसे ड्रग एफ्लक्स कहते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात—कैंसर कोशिकाएं आत्महत्या (एपोप्टोसिस) से बचने के लिए उच्च स्तर की 'एंटीएपोप्टोटिक' प्रोटीन बनाती हैं।
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