पेरासिटामोल और एंटीबायोटिक्स: क्या है सही संयोजन?

अक्सर लोग बुखार या दर्द के लिए पेरासिटामोल लेते हैं, खासकर तब जब वे किसी संक्रमण के इलाज में एंटीबायोटिक्स भी ले रहे हों। ज्यादातर मामलों में, पेरासिटामोल को एंटीबायोटिक्स के साथ लेना सुरक्षित माना जाता है। लेकिन एक अपवाद है – आइसोनियाज़िड और संभवतः रिफैम्पिसिन

ये दोनों एंटीबायोटिक दवाएं मुख्य रूप से तपेदिक (Tuberculosis) के इलाज में उपयोग होती हैं। कुछ कम संख्या में रिपोर्ट्स बताती हैं कि आइसोनियाज़िड के साथ पेरासिटामोल लेने से लीवर को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। इसकी वजह यह हो सकती है कि दोनों दवाएं लीवर के माध्यम से तोड़ी जाती हैं, जिससे अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

हालांकि यह जोखिम सभी में नहीं देखा गया है, फिर भी डॉक्टर कभी-कभी ऐसे मरीजों में पेरासिटामोल की खुराक पर सावधानी बरतते हैं, जो लंबे समय तक आइसोनियाज़िड ले रहे हों।

इसलिए, यदि आप तपेदिक का इलाज करा रह

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