भारत में विदेशी क्यों महसूस करते हैं असहज?
2017 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, भारत विदेशी नागरिकों के लिए रहने के हिसाब से 65 देशों में 57वें स्थान पर था। यह परिणाम कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक है, क्योंकि भारत में उच्च वेतन और सस्ती जीवनशैली के लिए अक्सर अच्छी रेटिंग दी जाती है। लेकिन वास्तविकता अलग है।
कई प्रवासी यहां के भारी प्रदूषण से परेशान रहते हैं। दिल्ली, मुंबई और कई बड़े शहरों में हवा इतनी खराब होती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, लंबे काम के घंटे भी एक बड़ी समस्या हैं। कई कंपनियों में कर्मचारियों को अति दबाव में रखा जाता है जिससे निजी जीवन का संतुलन बिगड़ जाता है।
सांस्कृतिक झटका भी एक बड़ा कारण है। नए लोगों के लिए भारतीय संस्कृति, भाषा और जीवनशैली को समझने में समय लगता है। कई बार यह भावनात्मक तनाव पैदा करता है। शहरों में व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बनी रहती हैं, खासक
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