कृष्ण जी को क्यों कहा जाता है ठाकुर?
भगवान श्री कृष्ण को आज भी भक्त अनेक नामों से पुकारते हैं – यदुवंश शिरोमणि, माधव, वासुदेव और कई और। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें 'ठाकुर' क्यों कहा जाता है? इसके पीछे एक सुंदर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारण छिपा है।
जब श्री कृष्ण ने मथुरा के लोगों को महान राजा जरासंध के आक्रमण से बचाने के लिए द्वारका ले जाकर बसाया, तो उनकी पराक्रम और दूरदृष्टि से सभी यादव और यदुवंशी अत्यंत प्रभावित हुए। उस समय के लोगों ने उन्हें समुदाय का मुखिया और रक्षक माना।
ठाकुर शब्द का अर्थ है – पालन करने वाला, संरक्षक या परिवार के मुखिया। चूंकि कृष्ण जी यदुवंश के प्रमुख थे और अपने लोगों की रक्षा कर रहे थे, इसलिए यदुवंशियों ने उन्हें सम्मानपूर्वक 'ठाकुर' कहना शुरू कर दिया।
इस परंपरा का इतना गहरा प्रभाव पड़ा कि आज भी अनेक जातियों में जहाँ घर का मुखिया पुरुष होता है, उसके नाम के आगे 'ठाकुर' लगाया जाता है। यह न केवल सम्मान की
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