"चमार" कहने से कौन सी धारा लगती है?
कई बार लोग अनजाने या जानबूझकर ऐसे शब्दों का प्रयोग कर देते हैं जो किसी को भी गहराई से आहत कर सकते हैं। "चमार" शब्द भी ऐसा ही एक उदाहरण है। हालांकि यह एक जाति का संकेत देता है, लेकिन इसे अपमान के रूप में इस्तेमाल करना कानूनी रूप से गंभीर अपराध माना जाता है।
यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर किसी अनुसूचित जाति के सदस्य को सार्वजनिक स्थान पर अपमानित या शर्मिंदा करने के उद्देश्य से "चमार" कहता है, तो ऐसे कृत्य को अनुसूचित जातियों और जनजातियों (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(x) के तहत दंडनीय माना जाता है।
इस धारा के तहत, ऐसे व्यक्ति को दंडित किया जा सकता है जो सोच-समझकर एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करता है। यह नहीं कि शब्द बोलना गलत है, बल्कि इसका उद्देश्य और संदर्भ अपराध बनाता है। 19 अक्टूबर 2021 को एक मामले में इसी धारा का उल्लेख किय
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