गोला क्यों कहलाते हैं राजपूत?

गोला शब्द सुनते ही कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि आखिर राजपूत समुदाय के लोगों को गोला क्यों कहा जाता है। लेकिन सच तो यह है कि गोला कोई जाति या समुदाय नहीं है, बल्कि यह एक कर्म का नाम है।

विदेशी भाषाओं में 'गोल' उस व्यक्ति को कहा जाता है जो बेईमान हो, छल-कपट करे, नमक हराम हो, या अपने ऊपर उठाए विश्वास का उल्लंघन करे। जो इंसान चोरी-छिपे के काम करता हो, जो अच्छाई को भूलकर बुराई करे, जो बिना कारण किसी को तकलीफ पहुँचाए—उसे ही गोला कहा जाता है।

इस शब्द का इस्तेमाल कभी-कभी तीखे संदर्भ में किया जाता है, लेकिन यह राजपूतों के बारे में नहीं, बल्कि उन कामों के बारे में है जो एक व्यक्ति करता है। राजपूत समुदाय को ऐतिहासिक रूप से सम्मान, बहादुरी और निष्ठा का प्रतीक माना गया है। ऐसे में किसी को 'गोला' कहना उसके चरित्र या कर्म के आधार पर होता है, जाति या वंश के आधार पर नहीं।

आज भी कहीं-कहीं यह शब्द गलत ढं

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