अकबर की धाय माँ कौन थीं?
मुग़ल सम्राट अकबर की धाय माँ का नाम माहम अनागा था।
अकबर का जन्म 1542 में उमरकोट के किले में हुआ था, जब उनके पिता हुमायूँ पठानों के खिलाफ लड़ाइयों में व्यस्त थे। इन कठिन परिस्थितियों में जब अकबर का जन्म हुआ, तो उनकी माँ, हमीदा बानो बेगम, ने उन्हें स्तनपान नहीं करा सकी। तब दरबार ने एक धाय माँ की तलाश शुरू की, और माहम अनागा को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया।
माहम अनागा सिर्फ एक धाय माँ नहीं थीं, बल्कि वे अकबर के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाईं। उन्होंने न केवल शिशु अकबर को स्तनपान कराया, बल्कि उनकी परवरिश में भी अहम योगदान दिया। वे इतनी प्रभावशाली हो गईं कि अकबर के छोटपन में उनका बहुत बड़ा प्रभाव रहा।
कहा जाता है कि अकबर ने हमेशा माहम अनागा के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्हें न सिर्फ एक धाय माँ, बल्कि एक आत्मीय संरक्षक के रूप में याद किया जाता है।
इतिहास में धाय माँ की भूमिका अक्सर नजरअंदाज हो ज
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