अनारकली और सलीम का दुख
अनारकली, जिनकी कहानी आज भी प्रेम और त्रासदी का प्रतीक बनी हुई है, को इतिहास में एक रहस्यमय अंदाज़ में याद किया जाता है। कहा जाता है कि मुग़ल बादशाह अकबर के शहजादे सलीम को अनारकली से गहरा प्यार था। लेकिन इस प्रेम के कारण विवाद खड़ा हो गया, और कथित तौर पर अकबर ने अनारकली को दीवार में ज़िंदा चुनवा दिया।
लेकिन जब सलीम बादशाह बने, तो उन्होंने अपनी प्रेमिका की याद में एक स्मारक बनवाया। वह जगह थी – आज के पाकिस्तान का लाहौर। वहीं जहां अनारकली को दीवार में चुन दिया गया था, उसी स्थान पर सलीम ने अनारकली का मकबरा बनवाया। यह मकबरा आज भी मौजूद है और लाहौर के इतिहास का हिस्सा है।
मकबरे पर अंकित है – अनारकली की मौत की तारीख 1599, और मकबरे के निर्माण की तारीख 1615। यह दोनों तारीखें इस दुखद प्रेम कथा को और भी गहराई देती हैं।
चाहे अनारकली ऐतिहासिक व्यक्ति रही हों या काल्पनिक, पर सलीम के दुख और उसके बाद बने म
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