क्या अकबर सच में अनपढ़ था?
मुग़ल सम्राट अकबर के बारे में अक्सर कहा जाता है कि वह अनपढ़ थे। यह सच भी है, कि वे पढ़ना और लिखना नहीं जानते थे। लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे अज्ञानी थे। बल्कि, उनके अनपढ़ होने के बावजूद, वे अत्यंत बुद्धिमान, दूरदर्शी और संस्कृति के महान संरक्षक थे।
अकबर ने खुद पढ़ना नहीं सीखा, लेकिन उन्होंने विद्वानों, कवियों, चित्रकारों और संगीतज्ञों को अपने दरबार में बुलाकर उनका सम्मान किया। उनका दरबार संस्कृति का केंद्र बन गया। उन्होंने फ़ारसी, हिंदी और संस्कृत साहित्य को बढ़ावा दिया और ऐतिहासिक ग्रंथों का अनुवाद करवाया।
अकबर की दूरदृष्टि ने उन्हें न केवल एक महान शासक, बल्कि एक उदार एवं धार्मिक सहिष्णुता के प्रतीक के रूप में स्थापित किया। वे खुद नहीं पढ़ पाते थे, लेकिन उन्होंने पूरे साम्राज्य में ज्ञान और कला को फैलाने का काम किया।
इसलिए, अकबर के बारे में कहना कि वे अनपढ़ थे, सिर्फ एक
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