सती प्रथा की पहली मान्यता माँ सती से जुड़ी है

हिंदू मान्यताओं के अनुसार, विश्व की प्रथम सती माँ सती मानी जाती हैं। ये भगवान शिव की पहली पत्नी थीं और उनका जीवन एक महान त्याग और प्रेम की गाथा है। कहा जाता है कि दक्ष प्रजापति, जो सती के पिता थे, ने एक भव्य यज्ञ का आयोजन किया, लेकिन उन्होंने अपने जमाई शिव को न बुलाकर उनका अपमान किया।

सती ने जब अपने पिता के इस अहंकार और अपमान को देखा, तो वे गहरे दुःख और क्रोध में आकर यज्ञ के बीच खुद को अग्नि में समर्पित कर दिया। उनकी यही आत्महत्या सती प्रथा की शुरुआत मानी जाती है। उन्होंने न केवल अपने पति के प्रति अटूट भक्ति दिखाई, बल्कि समाज में नारी के त्याग और साहस का एक अमर उदाहरण प्रस्तुत किया।

इस घटना के बाद से ही वधू के लिए अपने स्वर्गीय पति के साथ चिता पर बैठना, सती होना, एक धार्मिक और सामाजिक प्रथा बन गया, जो सदियों तक चली। हालाँकि आज यह प्रथा कानून द्वारा प्रतिबंधित है, फिर भी माँ सती की कथा हिंदू धर्म में अत्यं

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय