क्या आप आरोप वापस ले सकते हैं? – जानिए कानून के अनुसार सच्चाई
बहुत से लोग मानते हैं कि अगर दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाए, तो कोई आपराधिक मामला वापस लिया जा सकता है। लेकिन हकीकत थोड़ी अलग है। जैसे कि हमले (एस्सॉल्ट) जैसे मामलों में, एक बार पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद, उसे वापस लेने का फैसला पीड़ित या आरोपी के हाथ में नहीं होता।
भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 6 के अनुसार, किसी आपराधिक मामले को केवल अभियोजन पक्ष** (सरकार/प्रॉसीक्यूशन) द्वारा ही वापस लिया जा सकता है। यह फैसला पीड़ित की इच्छा के बावजूद होता है। अगर साक्ष्य मजबूत हैं, तो अदालत मामले को आगे बढ़ा सकती है, भले ही शिकायतकर्ता अब मामला वापस लेना चाहे।
इसलिए, अगर कोई व्यक्ति हमले का आरोपी है, तो वह खुद मामला वापस नहीं ले सकता। यह निर्णय सिर्फ सरकारी वकील या अभियोजन टीम** पर निर्भर करता है, जो जांच और सबूतों के आधार पर फैसला करते हैं। कई बार, पी
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