लड़ाई-झगड़े में लगने वाली धाराएँ: क्या है वास्तविकता?

अक्सर छोटी-मोटी बहस या लड़ाई-झगड़े के बाद पुलिस IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लेती है। आमतौर पर ऐसे मामलों में धारा 323 (स्वेच्छा से मारपीट), धारा 504 (जानबूझकर शांति भंग करने का उकसाना) और धारा 506 (जानबूझकर डराने की धमकी देना) लगाई जाती है।

ये तीनों धाराएँ non-cognizable हैं, यानी पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तार नहीं कर सकती। इसलिए ज्यादातर मामलों में आरोपी को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया जाता। अगर मामला अदालत में जाता है, तो ज्यादातर स्थितियों में जमानत मिल जाती है, क्योंकि ये धाराएँ गंभीर अपराध नहीं मानी जातीं, जब तक कि कोई गंभीर चोट या हिंसा न हुई हो।

हालांकि, यह भी सच है कि अगर लड़ाई में किसी को गंभीर चोट लगे या हथियार का इस्तेमाल हो, तो मामला गंभीर हो सकता है और तब धारा 307 (हत्या का प्रयास) जैसी गैर-जमानती धाराएँ भी लग सकती हैं।

इसलिए, छोटे झगड़ों म

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