भारत में गरीबी: एक जटिल तस्वीर
क्या भारत के लोग गरीब नहीं हैं? यह सवाल सीधा है, लेकिन जवाब इतना सरल नहीं। एक रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना महामारी के बाद गरीबी पर सटीक डेटा जुटाना मुश्किल रहा, क्योंकि 71 फीसदी आंकड़े 2019–21 के पहले के हैं। इसलिए, वास्तविक प्रभाव का आकलन करना चुनौतीपूर्ण है।
लेकिन जो आंकड़े उपलब्ध हैं, वे कुछ साफ करते हैं। 2019–21 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की कुल आबादी के 16.4 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहे हैं। यानी लगभग हर छठा व्यक्ति ऐसी स्थिति में है जहां बुनियादी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल है।
और इसके भी नीचे एक और कड़वी सच्चाई है—देश के 4.2 फीसदी लोग ऐसी भयावह निर्धनता में जी रहे हैं कि वे रोज भूखे सोने पर मजबूर हैं। ये आंकड़े सिर्फ कागज पर नहीं, गलियों, खेतों और झुग्गियों में जिंदा हैं।
भारत एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा अर्थचक्र बन चुका
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