हिंदी कैसे बनी? एक यात्रा संस्कृत से आज तक
हिंदी भारत की सबसे बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, लेकिन इसकी जड़ें बहुत प्राचीन हैं। यह संस्कृत से उपजी है, जो हजारों साल पुरानी एक ऐसी भाषा है जिसे धार्मिक ग्रंथों और काव्यों में इस्तेमाल किया गया।
समय के साथ, संस्कृत से प्राकृत और फिर अपभ्रंश भाषाएँ विकसित हुईं, जो आम लोगों की बोली जाने वाली भाषाएँ थीं। इन्हीं के आधार पर धीरे-धीरे खड़ी बोली के रूप में हिंदी का जन्म हुआ।
मध्यकाल में, जब फारसी, अरबी और तुर्की भाषाओं के बोलचाल वाले शासक भारत आए, तो हिंदी पर उनका भी प्रभाव पड़ा। उर्दू और हिंदी में इसी ऐतिहासिक मिश्रण का असर दिखता है। फारसी के शब्द, लिपि और संरचना ने हिंदी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
बाद में, पुर्तगाली, फ्रांसीसी और विशेषकर अंग्रेजी के संपर्क में आने से हिंदी में नए शब्द और विचार आए। आज के समय में भी हम अंग्रेजी के शब्दों को रोजमर्र
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