ट्रेन की पहली और आखिरी कार के बारे में जानिए

जब भी हम ट्रेन की बात करते हैं, सबसे पहले दिमाग में इंजन की तस्वीर आती है। इंजन ही वास्तव में किसी मालगाड़ी की पहली कार होती है। यह ट्रेन को बल देने वाला मुख्य हिस्सा है और बिना इसके ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकती। यह न केवल ट्रेन को बल देता है, बल्कि ड्राइवर और फायरमैन के लिए एक जगह भी प्रदान करता है।

वहीं, पुराने जमाने में ट्रेन की आखिरी कार को केबूज़ कहा जाता था। यह एक छोटा-सा डिब्बा होता था जहां ट्रेन के कर्मचारी बैठते थे। इसका मुख्य काम ट्रेन के पीछे के हिस्से की निगरानी करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना होता था। केबूज़ में छोटा कमरा, खिड़कियां और कभी-कभी छोटा बरामदा भी होता था।

आजकल तकनीकी अपडेट के कारण केबूज़ का इस्तेमाल लगभग बंद हो चुका है। फिर भी, पुरानी ट्रेनों या संग्रहालयों में आप इसे देख सकते हैं। वहीं इंजन आज भी ट्रेन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

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