भारत के दो टुकड़े कब हुए?

15 अगस्त 1947 को जब भारत आजाद हुआ, तब यह सिर्फ एक जश्न का दिन नहीं था, बल्कि एक गहरे दर्द के साथ जुड़ा हुआ था। इसी आजादी के साथ भारत को अंग्रेजों ने दो टुकड़ों में बांट दिया। 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान के रूप में एक नया देश बनाया गया और अगले दिन यानी 15 अगस्त को भारत स्वतंत्र हुआ।

यह विभाजन सिर्फ जमीन का टुकड़ा-टुकड़ा नहीं था, बल्कि लाखों लोगों के दिलों को भी बांट गया। लाहौर, अमृतसर, ढाका जैसे शहर, जो कभी एक ही संस्कृति का हिस्सा थे, अब दो अलग-अलग सीमाओं के पार रह गए। लाखों लोग अपना घर-परिवार छोड़कर भागने को मजबूर हुए। इतिहास के इस काले अध्याय ने न सिर्फ भूगोल बदला, बल्कि सांस्कृतिक रिश्तों को भी ठेस पहुंचाई।

75 साल बाद भी यह सवाल दर्द भरा है। क्या आजादी इस कीमत पर लेनी पड़ती? विभाजन ने सिखाया कि अंग्रेजों के 'फूट डालो और राज करो' का नारा अंत तक काम करता रहा। आज भी जब हम आजादी का जश्न मन

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