भारत में गरीबी: महिला-प्रधान परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित
भारत में गरीबी की बात करें, तो एक महत्वपूर्ण सच यह भी है कि यहाँ महिला-प्रधान परिवारों में गरीबी का स्तर पुरुष-प्रधान परिवारों की तुलना में अधिक है। लगभग 19.7 प्रतिशत महिला-प्रधान घरों के लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं, जबकि पुरुष-प्रधान परिवारों में यह आंकड़ा 15.9 प्रतिशत है।
यह स्थिति दक्षिण एशिया में अनोखी है। भारत ऐसा एकमात्र देश है जहाँ महिलाओं के सिर पर घर की जिम्मेदारी होने के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है। इसके पीछे कई कारण हैं — सीमित रोजगार के अवसर, शिक्षा तक समान पहुँच न होना, और सामाजिक ढांचे में महिलाओं की स्वतंत्रता पर रोक।
हालांकि, एक उम्मीद की किरण भी है। 2005-06 के बाद से लेकर अब तक भारत में गरीबी से बाहर निकलने वाले लोगों की संख्या लगभग 41.5 करोड़ तक पहुँच चुकी है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन फिर भी महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवारों को
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।