गरीबी को मापने वाला संस्थान

भारत में गरीबी के स्तर को समझने और मापने का काम मुख्य रूप से नीति आयोग (NITI Aayog) करता है। यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख संस्था है, जो देश के विकास के लिए नीतियाँ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

गरीबी को केवल आय के आधार पर नहीं मापा जाता। इसके लिए अब बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index – MPI) का उपयोग किया जाता है। यह सूचकांक गरीबी के उन कई पहलुओं को देखता है जो एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करते हैं – जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पोषण और बुनियादी सुविधाओं तक पहुँच।

नीति आयोग ने पहली बार 27 अक्टूबर, 2020 को राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक जारी किया था। इसके बाद से यह आंकड़े नियमित रूप से अपडेट किए जा रहे हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार यह तय कर पाती है कि कौन-से राज्य या जिले अधिक गरीबी के स्तर में हैं और वहाँ किस तरह की योजनाओं की आवश्यकता है।

इस तरह, नीति आयोग केवल आंकड़े जारी करने तक सी

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