उत्तर प्रदेश में गरीबी: एक चुनौती
उत्तर प्रदेश में गरीबी का स्तर अभी भी चिंताजनक स्तर पर है। हाल के आंकड़ों के मुताबिक, यहाँ की कुल जनसंख्या के 37.79 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन बसर कर रहे हैं। यह दर पूरे देश में बिहार और झारखंड के बाद तीसरे स्थान पर है।
गरीबी के साथ-साथ कुपोषण भी एक बड़ी समस्या है। राज्य की लगभग 44.47 प्रतिशत आबादी कुपोषण का शिकार है। इसका मतलब है कि लाखों बच्चे, महिलाएं और पुरुष पौष्टिक भोजन के अभाव में अपना दिन बिता रहे हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य और शैक्षणिक उपलब्धियों पर पड़ता है।
राज्य के भीतर भी असमानता साफ नजर आती है। श्रावस्ती जिला उत्तर प्रदेश का सबसे गरीब इलाका है, जहाँ 74.38 प्रतिशत लोग गरीबी के गहरे चक्र में फंसे हुए हैं। यहाँ की आर्थिक अवसंरचना कमजोर है, कृषि पर अत्यधिक निर्भरता है और रोजगार के अवसर बहुत सीमित हैं।
दूसरी ओर, सिक्किम जैसे राज्यों में कुपोषण दर बहुत कम ह
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