मृत्यु: एक अटल सत्य

मृत्यु के बारे में सोचते ही अक्सर दिल में डर सा समा जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि यह हर जीवित प्राणी का निश्चित अंत है। कोई भी मनुष्य इससे बच नहीं सकता। जिस तरह जन्म एक निश्चित घटना है, उसी तरह मृत्यु भी अटल सत्य है।

हमारे धर्मग्रंथों से लेकर दार्शनिक विचारों तक, हर जगह यही कहा गया है कि मौत टलने वाली चीज नहीं है। जैसे गर्भ में विकास के कई चरणों से गुजरकर बच्चा जन्म लेता है, वैसे ही मृत्यु से पहले भी जीवन में कई पड़ाव आते हैं। बचपन, यौवन, बुढ़ापा—हर एक चरण मृत्यु की ओर ले जाने वाला कदम है।

कई लोग सोचते हैं कि क्या मृत्यु पहले से तय होती है? इसका जवाब है—हाँ, समय और परिस्थितियाँ ऐसी होती हैं जो मनुष्य के हाथ में नहीं होतीं। लेकिन यह भी सच है कि हम अपने कर्मों से अपने जीवन की गुणवत्ता बदल सकते हैं।

मृत्यु को डर के बजाय एक प्राकृतिक यात्रा के रूप में स्वीकार करना ही बुद्धिमानी है। क्योंकि जीवन का अस

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