आत्मा को शांति कब मिलती है?

मृत्यु के बाद आत्मा का क्या होता है, यह जानने की उत्सुकता हर किसी के मन में होती है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, आत्मा तब तक शांति नहीं पाती जब तक उसके लिए उचित अंतिम संस्कार और आध्यात्मिक विधियाँ पूरी न हो जाएँ।

गरुड़ पुराण का पाठ इन्हीं विधियों में से एक है। मान्यता है कि मृतक के प्राण छूटने के बाद उसकी आत्मा को नए जीवन या मुक्ति के मार्ग की ओर अग्रसर होने में यह पाठ महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पाठ सुनाने से आत्मा को भटकाव से मुक्ति मिलती है और वह अपने सारे दुख-संताप भुलाकर प्रभु के मार्ग पर अग्रसर हो जाती है।

कहा जाता है कि इससे आत्मा को या तो पितृलोक में जगह मिलती है या फिर वह पुनर्जन्म लेकर मनुष्य योनि में लौटती है। ऐसे में गरुड़ पुराण का पाठ न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि मृतक के परिवारजनों को भी मानसिक सुकून प्रदान करता है।

इस प्रथा को सदियों से निभाया गया है, और आज भी कई घरों में मृत

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय