मृत्यु से डर क्यों लगता है?
मौत जीवन का एक सच है, फिर भी अधिकांश लोग इससे डरते हैं। यह डर सिर्फ अंत के प्रति नहीं, बल्कि उस अज्ञात के प्रति होता है जो मृत्यु के बाद आता है। कई लोगों को कब्र में दफ़नाए जाने या चिता पर जलने के विचार से दहशत महसूस होती है। ये संस्कार, चाहे आस्था से भरे हों, लेकिन किसी के मन में भय का भाव जगा सकते हैं।
एक आम वजह यह भी है कि लोग अपने जीवन के बंधनों से डरते हैं। कई बार कोई व्यक्ति इसलिए डरता है क्योंकि उसके घर में बच्चे हैं, परिवार उस पर निर्भर है या वह कई ज़िम्मेदारियों का बोझ ढो रहा है। मृत्यु का मतलब उन सबका छूट जाना होता है—जिससे डर लगता है।
इसके अलावा, कई लोग मौत के बाद क्या होगा, इस अनिश्चितता से भी घबराते हैं। क्या वे अपने प्रियजनों से मिल पाएँगे? क्या उन्हें दर्द होगा? ये सवाल दिमाग में आते हैं और डर बढ़ाते हैं।
लेकिन कई संतों और दार्शनिकों का मानना है कि जब तक जीवन के प्रति
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