लावारिस लाश का क्या होता है?
हर साल हजारों लावारिस लाशें (Unclaimed Dead Body) भारत भर के अस्पतालों, नदियों के किनारों और सड़कों के पास मिलती हैं। जब कोई व्यक्ति बिना पहचान के मर जाता है या उसके परिजन सामने नहीं आते, तो उसे लावारिस लाश कहा जाता है।
पहचान के लिए 3 से 4 दिन की अवधिजैसे ही लावारिस लाश बरामद होती है, पुलिस तुरंत उसकी पहचान कराने की कोशिश करती है। मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए भी तस्वीरें जारी की जाती हैं। पुलिस आमतौर पर मृतक के परिजनों का 3 से 4 दिन तक इंतजार करती है। इस दौरान शव को चिलर में रखा जाता है।
अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी पुलिस कीअगर इस अवधि के भीतर कोई नहीं आता, तो मृतक को लावारिस घोषित कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में पुलिस ही मृतक का अंतिम संस्कार करती है, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम। यह सरकारी जिम्मेदारी बन जाती है।
मृतक के कपड़े और छोटे सामान को मालखाने में सुरक्षित रखा जाता है। लेकिन कई सालों तक कोई दावा
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