चीन में धर्म की स्वतंत्रता: क्या सचमुच है अनुमति?
चीन के संविधान में कहा गया है कि नागरिकों को धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता है। लेकिन इस आजादी के साथ एक बड़ी शर्त जुड़ी है — धार्मिक गतिविधियाँ केवल तभी मान्य हैं जब वे “सामान्य” मानी जाएँ। समस्या यह है कि सरकार ने “सामान्य” शब्द को कभी स्पष्ट नहीं किया, जिसकी वजह से इसकी व्याख्या पूरी तरह सत्ताधारियों पर छोड़ दी गई है।
चीन सरकार केवल पाँच धर्मों — बौद्ध धर्म, ताओवाद, इस्लाम, प्रोटेस्टेंट ईसाई धर्म, और रोमन कैथोलिक चर्च — को औपचारिक मान्यता देती है। इनके अलावा किसी भी अन्य धार्मिक समूह या अभ्यास को "असामान्य" घोषित करते हुए दबाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, तिब्बत में बौद्ध भिक्षुओं, या शिनजियांग में उइगुर मुसलमानों पर लगातार नजर रखी जाती है, और उनकी धार्मिक अभिव्यक्ति पर सख्त पाबंदियाँ हैं।
स्थानीय स्तर पर, धार्मिक गतिविधियों को चीनी साम्यवादी पार्टी की नीतियों के अ
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