चांद पर जमीन की कीमत क्या है?

चांद पर जमीन खरीदना सुनने में तो अजीब लगता है, लेकिन कई लोग इसे गंभीरता से लेते हैं। दरअसल, चांद पर जमीन की कीमत कोई सरकारी नियम या अंतरराष्ट्रीय कानून नहीं तय करता। इसके बजाय, कुछ निजी संस्थाएं चांद के टुकड़ों को लोगों को बेचने का दावा करती हैं।

भारत में भी कुछ लोगों ने ऐसी कंपनियों के जरिए चांд पर एक एकड़ जमीन खरीदी है। उदाहरण के तौर पर, राजीव बागड़ी ने 140 अमेरिकी डॉलर (तब लगभग 7,000 रुपए) चुकाकर चांद पर एक एकड़ जमीन का दावा किया था। वहीं, ललित मोहता ने इसके लिए लगभग 3,500 रुपए खर्च किए।

लेकिन ये जमीन का मालिक बनना सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष संधि (Outer Space Treaty) के अनुसार, कोई भी देश या व्यक्ति चांद या अन्य आकाशीय पिंडों का दावा नहीं कर सकता। इसलिए, ये जमीन खरीदना कानूनी रूप से मान्य नहीं है।

फिर भी, लोग इसे एक अनोखा तोहफा या रोमांचक अनुभव मानकर खरीदते है

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