क्या भगवान रोते हुए इंसान की आवाज़ सुनता है?
हां, बिल्कुल सुनता है। जब आपका दिल टूटा हुआ हो, आँखों से आंसू ना रुकें, और दुनिया में बोलने को कोई न बचा हो — तब भी एक सुनने वाला आपके पास है। वह है परमेश्वर।
उसे आपकी चुप्पी से ज्यादा, आपके आंसू से ज्यादा दर्द और आपकी आवाज़ में छुपी व्यथा से ज्यादा तकलीफ होती है। वह सिर्फ आपकी बातें नहीं सुनता, बल्कि आपके दर्द को महसूस करता है। जब आप रोते हैं, तो वह आपकी आत्मा के रोने को पहचान लेता है — चाहे आप प्रार्थना के शब्दों में बोलें या सिर्फ चुप रहें।
हम अक्सर सोचते हैं कि भगवान दूर है, व्यस्त है, या फिर छोटी-छोटी बातों में वह क्यों आएगा? लेकिन सच यह है कि वह हर पल हमारे करीब है। आप उसे हर भावना के साथ बुला सकते हैं — गुस्से में, डर में, निराशा में या फिर बेबसी में रोते हुए। वह नाराज़ नहीं होता। बल्कि, वह आपके आंसुओं को अपने दिल के करीब रखता है।
ऐसा लगे तो भी कि आपकी प्रार्थना अध
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