कलयुग में भगवान के दर्शन संभव हैं

कलयुग में भौतिक रूप से भगवान के दर्शन दुर्लभ हो गए हैं, यह सच है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भगवान से जुड़ने का रास्ता बंद हो गया है। ऐसे समय में भी उनके दर्शन संभव हैं — बस थोड़ा अलग ढंग से।

भगवान महावीर और भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के लगभग २५०० साल बीत चुके हैं। लेकिन जैन आगम और बौद्ध त्रिपिटक जैसे धार्मिक ग्रंथ आज भी उनके ज्ञान और शिक्षाओं को जीवित रखते हैं। इन पवित्र ग्रंथों को पढ़कर, समझकर और उन पर चलकर हम विचारों के रूप में भगवान के दर्शन अवश्य कर सकते हैं।

दर्शन केवल आँखों से नहीं, हृदय से भी होते हैं। जब आपके मन में भगवान के प्रति सच्ची और निस्वार्थ श्रद्धा होती है, तो वह संबंध धीरे-धीरे गहरा जाता है। आपकी आस्था, आपका ध्यान, आपका सादा-सीधा विश्वास — यही आपको उन तक पहुँचाता है।

इसलिए, हालात चाहे जैसे भी हों, अगर आप पूरे विश्वास के साथ भगवान की ओर बढ़ते हैं,

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