दुख में ईश्वर को क्यों याद करते हैं?

जीवन में जब सब कुछ ठीक चल रहा होता है, तो लोग व्यस्तता में ईश्वर को भूल जाते हैं। लेकिन जैसे ही कोई संकट आता है, दिल से प्रार्थना शुरू हो जाती है। क्यों? क्योंकि इंसान उसी को याद करता है, जिससे उसे उम्मीद होती है। और हमें लगता है कि केवल ईश्वर ही हमारी मदद कर सकता है।

लेकिन क्या ईश्वर केवल दुख में ही याद करने लायक है?

बिल्कुल नहीं। जैसे कोई माँ केवल बीमारी में नहीं याद आती, वैसे ही ईश्वर भी हर पल हमारे साथ होता है। एक महिला ने कहा कि मेरी हर सुबह ईश्वर को याद करते हुए शुरू होती है। न तो उसके दिन में कोई संकट है, न ही कोई डर – फिर भी वह प्रेम से उसका नाम लेती है।

यही असली भक्ति है – न तो डर के कारण, न लालच से, बल्कि सच्चे मन से। ईश्वर न केवल संकटों में ही मदद करता है, बल्कि हर सुख के पीछे भी छुपा होता है। बस हम उसे खुशी में नहीं पहचान पाते।

अगर हम हर पल उसे याद करें, चाहे आनंद हो या आँसू, तो जीवन अधिक सार्थक हो जाएग

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