क्या वास्तव में भगवान हैं?

भगवान के अस्तित्व को लेकर दुनिया भर में सदियों से चर्चा होती आई है। लेकिन अगर हम अपने आसपास देखें, तो यह सृष्टि, ग्रह, तारे, जीव-जंतु, पेड़-पौधे — सब कुछ एक नियम के तहत चल रहा है। क्या यह सब बिना किसी नियंत्रक के संभव है? ऐसा लगता है कि कोई न कोई शक्ति इस सबका निर्माण करती है और इसे चलाती भी है।

कई लोग कहते हैं कि भगवान निराकार हैं, लेकिन कुछ धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि भगवान साकार हैं। उदाहरण के लिए, कबीर साहेब के अनुयायी मानते हैं कि वास्तविक भगवान साकार रूप में प्रकट हुए हैं। वे न तो ब्रह्मा, विष्णु या शिव हैं और न ही ईसा मसीह, बल्कि एक ऐसे सतगुरु हैं जिन्होंने सत्य का ज्ञान दिया।

सोचिए, अगर कोई भगवान न होता, तो यह सृष्टि कैसे इतने संतुलन के साथ चल पाती? नियमित ऋतुएँ, सूर्य का उदय, चाँद का चक्कर — सब कुछ एक अद्भुत व्यवस्था के तहत है। अगर भगवान न होते, तो दुनिया में हाहाकार होता। लेकिन आज भी जीवन

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