भारत की राजधानी कैसे बदली? कोलकाता से दिल्ली तक का सफर
भारत की पुरानी राजधानी कोलकाता (पहले कलकत्ता) थी। ब्रिटिश शासन के दौरान, बंगाल की राजधानी बने कोलकाता को 1772 में भारत की प्रशासनिक राजधानी बनाया गया था। यहाँ के ऐतिहासिक स्थान, सांस्कृतिक विरासत और व्यापारिक महत्व के कारण इसे चुना गया था।
लेकिन जैसे-जैसे समय बदला, ब्रिटिश शासकों ने महसूस किया कि देश के केंद्र में स्थित दिल्ली राजधानी के लिए अधिक उपयुक्त जगह होगी। 12 दिसंबर 1911 को दिल्ली दरबार में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि भारत की राजधानी कोलकाता से हटाकर दिल्ली ले जाई जाएगी।
इस निर्णय के बाद नए शहर के निर्माण में काफी समय लगा। अंततः 13 फरवरी 1931 को दिल्ली को आधिकारिक तौर पर भारत की नई राजधानी घोषित किया गया। यहाँ नए संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और सुव्यवस्थित सड़कों के साथ एक आधुनिक शहर का निर्माण हुआ।
आज दिल्ली न सिर्फ़
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